* कुछ परिवार तो ऐसे है, जो अपनी ज़िंदगी व्यतीत करने के लिए मृत्यु का इंतज़ार कर रहे है।*


*         कुछ परिवार तो ऐसे है, जो अपनी ज़िंदगी व्यतीत 
           करने के लिए मृत्यु का इंतज़ार कर रहे है।

*          कुछ बुज़ुर्ग गांव में बिना बिजली और अन्य     
            बुनियादी आवश्यकता के बगैर किस तरह से 
           जीवन यापन कर रहे है,

*         यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह वरिष्ठ नागरिक 
          ऐसी दयनीय स्थिति में रह रहे हे जहाँ ना बिजली 
          है और ना ही कोई आम जरूरतों का सामान। 


*           देउरी निवासी आलम चंद के घर में सालों के 
            बाद आखिर पंकज परमार ने किया उजाला 



*           वैसे तो हम आज के पढ़े-लिखे समाज के लोग 
             है, जो अन्य कई विषय पर 'चर्चा पर चिंता' 
             करते है किंतु आगे आते बहुत कम लोग हैं।





                 आज की इस भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी में हम इतने व्यस्त है, कि संवेदनशीलता का मतलब ही भूल गए। 
          अपनी छोटी सी दुनिया को हमने इस तरह समेटा कि दूसरे लोगो की भावनाओं को, उनकी ज़रूरतों को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ कर दिया।
            वैसे तो हम आज के पढ़े-लिखे समाज के लोग है, जो अन्य कई विषय पर 'चर्चा पर चिंता' करते है किंतु आगे आते बहुत कम लोग हैं।

        हम भूल जाते है कि इसी समाज में ऐसे भी लोग रहते है जो मजबूर है और बेहद परेशानी में अपना जीवन यापन कर रहे है।

              कुछ परिवार तो ऐसे है, जो अपनी ज़िंदगी व्यतीत करने के लिए मृत्यु का इंतज़ार कर रहे है।

          कुछ बुज़ुर्ग गांव में बिना बिजली और अन्य बुनियादी आवश्यकता के बगैर किस तरह से जीवन यापन कर रहे है,

        हम अन्दाज़ा भी नही लगा सकते।बंजार विधानसभा क्षेत्र के देउरी गांव के आलम चंद के लिए पंकज परमार मसीहा बने

        क्योंकि आलम चंद बीते कई वर्षों से बगैर बिजली के जीवनयापन कर रहे थे ।
       और अब उन्हें पंकज परमार ने सोलर लाइट दी है। वही जिला परिषद अध्यक्ष पंकज परमार ने जानकारी दी कि ऐसा ही एक परिवार कलवारी पंचायत के देउरी  में पिछले कई सालो से अपना जीवन व्यतीत कर रहा है । 

             यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह वरिष्ठ नागरिक ऐसी दयनीय स्थिति में रह रहे हे जहाँ ना बिजली है और ना ही कोई आम जरूरतों का सामान। 

              सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि स्थानीय नेताओं ने कभी इस परिवार की ओर देखा ही नहीं। 

                उन्होंने कहा कि मेरा संवेदनशील विचार, मुझे प्रोत्साहित करता है कि मैं इनकी मदद करूँ, 

          इनके घर में उजाला लाना मेरे एक छोटा सा प्रयास है। 
             उन्होंने कहा कि सभी लोगो से अपील करता हूं कि यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति को देखते हैं  या  जानते है जो बुरी स्थिति में रह रहा है,

             तो कृपया मुझसे हेल्पलाइन नंबर 9805115515 के माध्यम से संपर्क करें, 

        ताकि मैं उनकी मदद कर सकूं

यदि आप भी उनकी सेवा करने का बेड़ा उठाए तो मैं आपका आभारी रहूँगा 

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