शर्म है कि उनको आती ही नहीं। रोबोट मशीन ने बर्फ हटाते हुए सड़क ही खोद डाली ।

*       शर्म है कि उनको आती ही नहीं।  रोबोट मशीन ने 
         बर्फ हटाते हुए सड़क ही खोद डाली ।

*      चम्बा के भरमौर क्षेत्र की सड़कों ने अपनी                    गुणवत्ता  की कहानी स्वयं ही बयां कर दी

*       कार्यप्रणाली को घटिया स्तर की बताते हुए कहा 
          कि एक तो विभाग को बर्फ हटाने का कार्य नहीं 
         करने आता ।

*         जिससे स्पष्ट होता है कि मिट्टी पर सीधे तारकोल बजरी की परत बिछा कर कार्य पूरा किया गया है 

*        मामलों पर तुरंत संज्ञान लेकर विभाग के उन 
          अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही करे जिनकी 
          देखरेख में यह कार्य हुआ है ।




            हिमाचल प्रदेश में भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए हैं  करोड़ों रुपए यहां की सड़कों के निर्माण व रखरखाव के लिए व्यय किए जाते हैं।
          और गुणवत्ता के मामले में देखें तो उनका रिजल्ट  शून्य से भी नीचे होता है  जो एकाएक स्वता ही कहीं ना कहीं झनक जाता है।
        हाल ही में बिलासपुर में गुणवत्ता जांचने के लिए आए केंद्र सरकार के अधिकारी द्वारा 2 लाख़ की रिश्वत लेना गुणवत्ता हीन सड़क को सही बताने का मामला ठंडा पड़ा भी नहीं की जिला चम्बा के भरमौर क्षेत्र की सड़कों ने अपनी गुणवत्ता की कहानी स्वयं ही बयां कर दी

          सड़क से बर्फ हटाने भेजी रोबोट मशीन लोनिवि की कारगुज़ारी ही दिखा आई ।

             लोनिवि की कार्य कुशलता कितनी अपरिपक्व व कार्य स्तरहीन है, विभाग ने अनजाने में ही यह लोगों के सामने रख दिया है ।

            भरमौर उपमंडल के दिनका खणी सड़क मार्ग से बर्फ हटाने के लिए लोनिवि द्वारा भेजी गई रोबोट मशीन ने बर्फ हटाते हुए सड़क ही खोद डाली ।
                     मशीन से उखड़ी सड़क देख लोगों ने नाराजगी जाहिर की । लोगों ने लोनिवि की कार्यप्रणाली को घटिया स्तर की बताते हुए कहा कि एक तो विभाग को बर्फ हटाने का कार्य नहीं करने आता ।

                   बर्फ हटाने के लिए स्नो कटर का प्रयोग किया जाना चाहिए था जबकि विभाग जेसीबी मशीन से यह कार्य करवा कर सड़क को नुक्सान पहुंचा रहा है  । बर्फ हटाने के कार्य करते हुए विभाग ने सड़क उखाड़ डाली है।

                       वहीं दूसरी ओर सड़क उखड़ने के बाद विभाग द्वारा   सड़क पर तारकोल बजरी बिछाने के कार्य के निम्न स्तर का पता भी चला है ।

                  सड़क पर तारकोल बजरी की तह भी बहुत पतली है । तारकोल उखड़ते ही नीचे मिट्टी निकल आई है 

               जिससे स्पष्ट होता है कि मिट्टी पर सीधे तारकोल बजरी की परत बिछा कर कार्य पूरा किया गया है ।

               लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों पर तुरंत संज्ञान लेकर विभाग के उन अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही करे जिनकी देखरेख में यह कार्य हुआ है ।

         लोनिवि की ओर से इस बारे में अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है ।

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