" चुनाव " को श्रृंगारित करने वाली गतिविधियों पर लगाए गए अंकुशों से यह लगता है मानों सफेद वस्त्र पहना कर दुल्हन को विदा किया जा रहा है


*         " चुनाव " को श्रृंगारित करने वाली गतिविधियों      पर लगाए गए अंकुशों से यह लगता है मानों सफेद वस्त्र पहना कर दुल्हन को विदा किया जा रहा है


*       चुनावी माहौल में सबसे अधिक रोचक और 
         आकर्षक यानी स्वादिष्ट व्यंजन जो परोसा जाता 
        है उस " जनसभा " को भी शादी (चुनाव) के मीनू     से गायब कर दिया गया है।

*        इस बार सभी 5 राज्यों में चुनाव 7 चरणों मे होंगे।
         उत्तर प्रदेश 403, पंजाब 117, उत्तराखंड 70, 
         मणिपुर 60 और गोवा की 40 सीटों के लिए होंगे
          चुनाव।

*        गाड़ियां भर 2 कर समर्थकों, कार्यकर्ताओं और 
          भाड़े की भीड़ जुटाकर  रैलियों की परम्पराऎं भी 
          इस बार महज वर्चुअल रैलियां में परिवर्तित हो 
         जाएगी।

*        सभी स्थानों पर 10 मार्च को मतगणना की 
          जाएगी और इसी दिन नतीजे घोषीत होंगे।





                पांच राज्यों में चुनावी बिगुल बज गया है।    
वैश्विक महामारी कोरोना  के चलते वर्तमान में होने वाले इन चुनावों में  प्राचीन सभी रस्मों रिवाज परंपराएं ध्वस्त होती प्रतीत हो रही है ।
 
             यद्धपि यह मानवीय भूलों, लापरवाहियों, और हठधर्मिता के परिणाम है जो इस विराट उत्सव को परिधियों में समेट कर इसकी वास्तविक आभा व सुन्दरता को बदरंग और नीरस बना जाएगा।
  
        चुनाव के रंगीन माहौल में जो सरगर्मियां और गतिविधियां  " चुनाव " को श्रृंगारित कर के  इसको सजाती संवारती थी उन सब पर अब लगाए गए अंकुशों से यह भान हो रहा है मानों सफेद वस्त्र पहना कर दुल्हन को विदा करने की  रस्म  पूरी की जा रही हो।

               गाड़ियां भर 2 कर समर्थकों, कार्यकर्ताओं और भाड़े की भीड़ जुटाकर  रैलियों की परम्पराऎं भी इस बार महज वर्चुअल रैलियां में परिवर्तित हो जाएगी।
      स्थिति को देखते हुए कोविड गाइडलाइंस के मुताबिक ही कहीं गिनती के बरातियों की भांति  रैलियां हो सकेंगी।

          फिलहाल तो 15 जनवरी तक रॉड शो, पद यात्रा, साइकिल रैली और रैली की इजाजत नहीं दी गई है आगे  कोरोना का माहौल निर्धारित करेगा। अगर इक्का दुक्का हुई तो केवल चयनित स्थलों पर ही होगी।
    
                    चुनावी माहौल में सबसे अधिक रोचक और आकर्षक यानी स्वादिष्ट व्यंजन जो परोसा जाता है उस " जनसभा " को भी शादी (चुनाव) के मीनू से गायब कर दिया गया है।

   अब  रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक कैम्पेन कर्फ्यू रहेगा। किसी भी सड़क या नुक्कड़ पर जनसभाएं नहीं होगी। 
         शक्ति प्रदर्शन का एक माध्यम हर द्वार पर दस्तक देने की रस्म भी इन चुनावों में दम तोड़ गई है अब तो   डोर टू डोर प्रचार में भी केवल 5 लोग ही जा सकेंगे।

          सबसे बड़ी तब्दीली जो परम्पराऎं तोड़ने की अखरेगी वह प्रत्याशी की जीत के बाद खुशियां मनाने पर भी लगे अंकुश की है । अब तो साहब
                   जीत का जश्न नहीं होगा और न ही जुलूस निकालने की इजाजत होगी।

                   गत सांझ    मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने दिल्ली में प्रेस वार्ता कर देश के 5 राज्यों में चुनाव का शंखनाद कर दिया है। 

        इन में उत्तर प्रदेश 403, पंजाब 117, उत्तराखंड 70, मणिपुर 60 और गोवा की 40 सीटों के लिए चुनाव होंगे।
          उन्होंने कहा कि चुनाव चरणों मे होंगे। चुनाव कोरोना नियमों के तहत होंगे।

           
    *  5 राज्यों में चुनाव  का  शेड्यूल *

             इस बार सभी 5 राज्यों में चुनाव 7 चरणों मे होंगे।

 नोटिफिकेशन 14 जनवरी को 

उत्तरप्रदेश में होंगे
नॉमिनेशन 23 जनवरी
 नामांकन वापसी 24 जनवरी
मतदान 10 फरवरी

*        दूसरा चरण उत्तरप्रदेश में होगा तो पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में पहला चरण होगा। जहां मतदान 14 फरवरी को होगा।

*     तीसरा चरण 25 जनवरी से होगा और मतदान 20 फरवरी को होगा।

*       चौथा चरण उत्तरप्रदेश 27 जनवरी से और मतदान 23 फरवरी को होगा।

*       पांचवा चरण उत्तरप्रदेश और मणिपुर के पहले चरण होगा जहां 27 फरवरी को होगा।

*        छटा चरण उत्तरप्रदेश और मणिपुर के दूसरे चरण होगा। जहां मतदान 3 मार्च को होगा।

*       सातवां चरण उत्तर प्रदेश को जहां मतदान 7 मार्च को होगा।

सभी स्थानों पर 10 मार्च को मतगणना की जाएगी और इसी दिन नतीजे घोषीत होंगे।

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