सांसद ने की जनजातीय क्षेत्र भरमौर के लिए यह मांग
* अब किया...जनजातीय कार्य मंत्रालय से चम्बा में
जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना का अनुरोध
* देश के अधिकांश जनजातीय बाहुल्य राज्यों में
जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की
केंद्र प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत की गई है ।
* हिमाचल प्रदेश का चम्बा जिला आकांक्षी जिला है
और यहाँ भी जनजातीय जनसंख्या भी सर्वाधिक
है ।
* ताकि यहां की जनजातीय जनसंख्या को भी
राष्ट्रीय धारा से जोड़ा जा सके और जनजातीय क्षेत्र
की विशिष्ट संस्कृति को समुचित संरक्षण दिया जा
सके ।
चम्बा- कांगड़ा के लोकसभा सदस्य किशन कपूर ने आज केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा से भेंट की और उन से हिमाचल प्रदेश के आकांक्षी जिला चंबा के लिए जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना का अनुरोध किया ।
उन्होंने कहा कि यह संस्थान चम्बा जनपद के जनजातीय समुदाय के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होगा ।
सांसद किशन कपूर ने केन्द्रीय मंत्री को सूचित किया कि देश के अधिकांश जनजातीय बाहुल्य राज्यों में जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की केंद्र प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत की गई है ।
लेकिन हिमाचल प्रदेश इस प्रकार के संस्थान से आज तक वंचित रहा है जिसके परिणाम स्वरूप इन
जनजातीय क्षेत्रों के लोगों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक विकास में में केंद्र तथा राज्य की योजनाओं के प्रभाव के मूल्यांकन , जनजातीय जीवन एवं विकास संबंधी मामलों पर शोध ,
जनजातीय विकास विभाग में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों को रोजगार पूर्व प्रशिक्षण , जनजातीय लोगों के लिए विभिन्न प्रशिक्षण स्तर जैसे अनेकों सुविधाओं का इस समुदाय के लोग लाभ नहीं उठा पा रहे ।
सांसद किशन कपूर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का चम्बा जिला आकांक्षी जिला है और यहाँ भी जनजातीय जनसंख्या भी सर्वाधिक है
अतः चम्बा के लिए केंद्र प्रायोजित योजना के अंतर्गत जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान स्वीकृत किया जाए
ताकि इस क्षेत्र की जनजातीय जनसंख्या को भी राष्ट्रीय धारा से जोड़ा जा सके और जनजातीय क्षेत्र की विशिष्ट संस्कृति को समुचित संरक्षण दिया जा सके ।
जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुनमुंडा ने सांसद किशनकपूर के अनुरोध पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया ।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें