सड़क निर्माण से दूरी होगी कम.. पर्यटन को लगेंगे पंख

*      इस मार्ग के बन जाने से पर्यटन को लगेंगे पंख,      
        भरमौर व कांगड़ा के गद्दी परिवार होंगे लाभान्वित।

*    इस मार्ग के निर्माण के बाद से बैजनाथ से भरमौर     
     तक की दूरी  180 किलोमटर तक कम हो जाएगी।    

*       कभी होली और उतराला को सुरंग से जोड़ने की 
        भी कवायद शुरू हुई थी, लेकिन अब यह 
        योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। 

*       अब मार्ग की कुल लंबाई करीब 72 किलोमीटर 
         होगी।

*          लाके वाली माता मंदिर से होली तक 17   
      किलोमीटर  मार्ग का हिस्सा तैयार कर लिया गया है।

                            बहुप्रतीक्षित होली-उतराला सड़क का रास्ता साफ हो गया है। सेंट्रल एंपावरमेंट कमेटी ने इस मार्ग के निर्माण को हरी झंडी दिखा दी है। 

                फोरेस्ट क्लीयरेंस को लेकर इस सड़क का मामला फंसा हुआ था। फोरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद इस मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। 

               यह मार्ग कांगड़ा और चम्बा जिला की दूरी कम करेगा। जनजातीय क्षेत्र भरमौर में रहने व कांगड़ा क्षेत्र में बसे गद्दी समुदाय के हजारों परिवारों को जहां राहत मिलेगी वहीं पर्यटकों को भी यहां का मनोहरी वातावरण आकर्षित कर के पर्यटन को पंख लगाएगा
              लंबे समय से मार्ग के निर्माण को लेकर चर्चा होती रही है। 
                पूर्व में होली और उतराला को सुरंग से जोड़ने की भी कवायद शुरू हुई थी, लेकिन फिलहाल यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। 

                     इसके बाद नए सिरे से सड़क निर्माण को लेकर तैयारियां शुरू की गई थीं और इसमें अब औपचारिकताएं पूरी हो रही हैं।

                       फिलहाल, मार्ग के निर्माण का सबसे बड़ी बाघा फोरेस्ट क्लीयरेंस की थी, जो अब निकल गई है। 
            यह मार्ग बैजनाथ के उतराला से चम्बा जिला के होली तक बनेगा।

              मार्ग की कुल लंबाई करीब 72 किलोमीटर होगी। इसमें उतराला से जालसू जोत तक 33 किलोमीटर के हिस्से का निर्माण लोक निर्माण विभाग बैजनाथ मंडल के अधीन रहेगा, 
                   जबकि जालसू से लाके वाली माता मंदिर तक करीब 39 किलोमीटर हिस्से का निर्माण लोक निर्माण विभाग भरमौर पूरा करेगा। 

         लाके वाली माता मंदिर से होली तक 17 किलोमीटर मार्ग का हिस्सा तैयार कर लिया गया है।
                       इस मार्ग के निर्माण के बाद से बैजनाथ से भरमौर तक की दूरी 180 किलोमटर तक कम हो जाएगी। 
                  मौजूदा समय में भरमौर उपमंडल से कांगड़ा आने वालों के लिए चम्बा और नूरपुर से होकर आना पड़ता है ।
                    और यह दूरी 250 किलोमीटर से अधिक है। 
            फिलहाल, सेंट्रल एंपावरमेंट कमेटी के निर्णय के बाद एक बड़ी राहत चम्बा और कांगड़ा जिला के लोगों को मिली है

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